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NCERT Solutions for Class 7th: पाठ – 14 खानपान की बदलती तस्वीर (निबंध) हिंदी वसंत भाग – II

NCERT Solutions for Class VII Chapter 14 : पाठ – 14 खानपान की बदलती तस्वीर (निबंध) हिंदी वसंत भाग – II

– प्रयाग शुक्ल


पृष्ठ संख्या: 105

प्रश्न अभ्यास



निबंध से

1. खानपान की मिश्रित संस्कृति से लेखक का क्या मतलब है? अपने घर के उदाहरण देकर इसकी व्याख्या करें।

उत्तर



खानपान की मिश्रित संस्कृति से लेखक का मतलब विभिन्न प्रदेशों के खान-पान के मिश्रित रूप से है। आज हमें एक ही घर में हमें कई प्रान्तों के खाने देखने के लिए मिल जाते हैं। उदाहरण के तौर पर मेरा घर दिल्ली में है जहाँ पराठे आदि ज्यादा बनते हैं परन्तु खानपान की मिश्रित संस्कृति की वजह से साम्भर-डोसा, इडली जो की दक्षिण भारत का प्रमुख भोजन है वो भी बनता है।
(आप अपने घर के भोजन को भी उदाहरण के लिए दे सकते हैं। अगर आप उत्तर भारतीय हैं तो आपके घर में दक्षिण भारतीय भोजन भी बनता होगा और दक्षिण भारतीय के घरों में उत्तर भारत के भोजन भी बनते हैं।)

2. खानपान में बदलाव के कौन से फ़ायदे हैं? फिर लेखक इस बदलाव को लेकर चिंतित क्यों है?

उत्तर

खानपान में बदलाव के कई फायदे हैं जैसे हमारी खाने में रूचि बनी रहती है, देश-विदेश के व्यंजन पता चलते हैं, इससे भारत की राष्ट्रीय एकता भी बनी रहती है। साथ ही इससे जल्दी बनने वाले खानों का उपलब्ध होने लगी हैं जिससे समय की भी बचत होती है। हम अपने स्वास्थ्य और स्वाद के अनुसार भी भोजन का चयन कर सकते हैं।
इन सब फायदों के बावजूद लेखक इसलिए चिंतित हैं क्योंकि इसके नुकसान भी हैं जैसे स्थानीय भोजन की लोकप्रियता का कम हो हो रही है साथ ही खाद्य पदार्थों में शुद्धता की कमी होती जा रही है। कुछ लोग उन व्यंजनों का प्रयोग अत्याधिक करने लगे हैं जो केवल स्वाद देते हैं परन्तु स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं।

3. खानपान के मामले में स्थानीयता का क्या अर्थ है?

उत्तर

खानपान के मामले में स्थानीयता का अर्थ है कि वे व्यंजन जो स्थानीय आधार पर बनते थे। जैसे मुम्बई की पाव-भाजी, दिल्ली के छोले-कुलचे, आगरा के पेठे आदि।

पृष्ठ संख्या: 106

निबंध से आगे

2. यहाँ खाने, पकाने और स्वाद से संबंधित कुछ शब्द दिए गए हैं। इन्हें ध्यान से देखिए और इनका वर्गीकरण कीजिए –
उबालना, तलना, भूनना, सेंकना, दाल, भात, रोटी, पापड़, आलू, बैंगन, खट्टा, मीठा, तीखा, नमकीन, कसैला।

भोजन कैसे पकाया स्वाद
     
     
     
     
     
   

उत्तर

भोजन कैसे पकाया स्वाद
दाल उबालना नमकीन
भात उबालना मीठा
रोटी सेंकना मीठा
पापड़ तलना नमकीन
आलू उबालना मीठा
बैंगन भूनना कसैला

पृष्ठ संख्या: 107

भाषा की बात

1. खानपान शब्द, खान और पान दो शब्दों को जोड़कर बना है। खानपान शब्द में और छिपा हुआ है। जिन शब्दों के योग में और, अथवा, या जैसे योजक शब्द छिपे हों, उन्हें द्वंद्व समास कहते हैं। नीचे द्वंद्व समास के कुछ उदाहरण दिए गए हैं। इनका वाक्यों में प्रयोग कीजिए और अर्थ समझिए –
सीना-पिरोना, भला-बुरा, चलना-फिरना,
लंबा-चौड़ा, कहा-सुनी, घास-फूस।

उत्तर

सीना-पिरोना – सीना-पिरोना की कला हर व्यक्ति के लिए बहुत जरुरी है।
भला-बुरा – मैंने उसे भला-बुरा कह दिया था।
चलना-फिरना – वृद्धावस्था के कारण अब चलना-फिरना कठिन हो गया है।
लंबा-चौड़ा – ये पुल बहुत लम्बा-चौड़ा है।
कहा-सुनी – मेरी रमण से खेल में कहा-सुनी हो गयी।
घास-फूस – उसका घर घास-फुस का है।- प्रयाग शुक्ल

पृष्ठ संख्या: 105

प्रश्न अभ्यास

निबंध से

1. खानपान की मिश्रित संस्कृति से लेखक का क्या मतलब है? अपने घर के उदाहरण देकर इसकी व्याख्या करें।

उत्तर

खानपान की मिश्रित संस्कृति से लेखक का मतलब विभिन्न प्रदेशों के खान-पान के मिश्रित रूप से है। आज हमें एक ही घर में हमें कई प्रान्तों के खाने देखने के लिए मिल जाते हैं। उदाहरण के तौर पर मेरा घर दिल्ली में है जहाँ पराठे आदि ज्यादा बनते हैं परन्तु खानपान की मिश्रित संस्कृति की वजह से साम्भर-डोसा, इडली जो की दक्षिण भारत का प्रमुख भोजन है वो भी बनता है।
(आप अपने घर के भोजन को भी उदाहरण के लिए दे सकते हैं। अगर आप उत्तर भारतीय हैं तो आपके घर में दक्षिण भारतीय भोजन भी बनता होगा और दक्षिण भारतीय के घरों में उत्तर भारत के भोजन भी बनते हैं।)

2. खानपान में बदलाव के कौन से फ़ायदे हैं? फिर लेखक इस बदलाव को लेकर चिंतित क्यों है?

उत्तर

खानपान में बदलाव के कई फायदे हैं जैसे हमारी खाने में रूचि बनी रहती है, देश-विदेश के व्यंजन पता चलते हैं, इससे भारत की राष्ट्रीय एकता भी बनी रहती है। साथ ही इससे जल्दी बनने वाले खानों का उपलब्ध होने लगी हैं जिससे समय की भी बचत होती है। हम अपने स्वास्थ्य और स्वाद के अनुसार भी भोजन का चयन कर सकते हैं।
इन सब फायदों के बावजूद लेखक इसलिए चिंतित हैं क्योंकि इसके नुकसान भी हैं जैसे स्थानीय भोजन की लोकप्रियता का कम हो हो रही है साथ ही खाद्य पदार्थों में शुद्धता की कमी होती जा रही है। कुछ लोग उन व्यंजनों का प्रयोग अत्याधिक करने लगे हैं जो केवल स्वाद देते हैं परन्तु स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं।

3. खानपान के मामले में स्थानीयता का क्या अर्थ है?

उत्तर

खानपान के मामले में स्थानीयता का अर्थ है कि वे व्यंजन जो स्थानीय आधार पर बनते थे। जैसे मुम्बई की पाव-भाजी, दिल्ली के छोले-कुलचे, आगरा के पेठे आदि।

पृष्ठ संख्या: 106

निबंध से आगे

2. यहाँ खाने, पकाने और स्वाद से संबंधित कुछ शब्द दिए गए हैं। इन्हें ध्यान से देखिए और इनका वर्गीकरण कीजिए –
उबालना, तलना, भूनना, सेंकना, दाल, भात, रोटी, पापड़, आलू, बैंगन, खट्टा, मीठा, तीखा, नमकीन, कसैला।

भोजन कैसे पकाया स्वाद
     
     
     
     
     
   

उत्तर

भोजन कैसे पकाया स्वाद
दाल उबालना नमकीन
भात उबालना मीठा
रोटी सेंकना मीठा
पापड़ तलना नमकीन
आलू उबालना मीठा
बैंगन भूनना कसैला

पृष्ठ संख्या: 107

भाषा की बात

1. खानपान शब्द, खान और पान दो शब्दों को जोड़कर बना है। खानपान शब्द में और छिपा हुआ है। जिन शब्दों के योग में और, अथवा, या जैसे योजक शब्द छिपे हों, उन्हें द्वंद्व समास कहते हैं। नीचे द्वंद्व समास के कुछ उदाहरण दिए गए हैं। इनका वाक्यों में प्रयोग कीजिए और अर्थ समझिए –
सीना-पिरोना, भला-बुरा, चलना-फिरना,
लंबा-चौड़ा, कहा-सुनी, घास-फूस।

उत्तर

सीना-पिरोना – सीना-पिरोना की कला हर व्यक्ति के लिए बहुत जरुरी है।
भला-बुरा – मैंने उसे भला-बुरा कह दिया था।
चलना-फिरना – वृद्धावस्था के कारण अब चलना-फिरना कठिन हो गया है।
लंबा-चौड़ा – ये पुल बहुत लम्बा-चौड़ा है।
कहा-सुनी – मेरी रमण से खेल में कहा-सुनी हो गयी।
घास-फूस – उसका घर घास-फुस का है।

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